Neha Bora: JNU से जंतर मंतर तक, ओजस्वी भाषण, समझ और साहस से बन गई हर जनरेशन की चहेती
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जंतर मंतर का इस बार का Gen Z आंदोलन दुनियाभर में चर्चा का विषय बना रहा, जिसमें नेहा बोरा का भूमिका भी बेहद अहम रही, लेकिन ये Gen Z लड़की दूसरों से अलग थी। जंतर-मंतर पर हजारों छात्र मौजूद थे। अलग-अलग राज्यों से आए युवा छात्रों से जुड़ी मुद्दे उठा रहे थे। लेकिन इसी भीड़ में एक ऐसी जगह थी, जहां हर दिन नेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं, कलाकारों और छात्रों की भीड़ लगी रहती थी। वो जगह थी जहां AISA अध्यक्ष नेहा बोरा अनशन पर बैठी थीं। अनशन से जब खतरे में आ गई थी जान ? 23 दिनों की भूख हड़ताल में नेहा बोरा का शरीर लगातार कमजोर होता गया। डॉक्टरों ने उनकी सेहत को लेकर गंभीर चेतावनी दी, चलना मुश्किल होने लगा, आवाज कमजोर पड़ गई, लेकिन उन्होंने अपना आंदोलन जारी रखा। यही वजह रही कि नेहा सिर्फ एक छात्र नेता नहीं रहीं, बल्कि इस पूरे आंदोलन का प्रतीक बन गईं।
Adding to this, 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर हुए पुलिस लाठीचार्ज और झड़प के बाद नेहा बोरा का भाषण सोशल मीडिया पर लगातार तेजी से वायरल हुआ। मंच से उन्होंने कहा था, हमारी चोटें हिंसा की गवाही देंगी, सब याद रखा जाएगा। ये सिर्फ एक बयान नहीं था, बल्कि आंदोलन के दौरान पुलिस लाठीचार्ज में घायल हुए छात्रों की पीड़ा को सामने रखने की कोशिश थी। नेहा बोरा ने आरोप लगाया कि भूख हड़ताल पर बैठे कई छात्र चलने की हालात में भी नहीं थे, बावजूद इसके प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस के गोले दागे गए। उनका कहना था कि आंदोलनकारी छात्रों के शरीर पर पड़े चोट के निशान इस संघर्ष की कहानी हमेशा बताते रहेंगे। नेहा बोरा का वो दमदार भाषण भी वायरल है, जिसमें वो कहती हैं - दिल्ली पुलिस की दहशतगर्दी हम याद रखेंगे।
Meanwhile, नेहा बोरा मूल रूप से उत्तराखंड की रहने वाली हैं। बचपन का कुछ समय उनका पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में बीता। पढ़ाई के साथ-साथ उन्होंने थिएटर और सामाजिक गतिविधियों में भी सक्रिय भागीदारी निभाई। नेहा ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से B.A. किया इसके बाद डॉ. बी.आर. अंबेडकर यूनिवर्सिटी से M.A. की डिग्री हासिल की। वर्तमान में नेहा जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) के स्कूल ऑफ आर्ट्स एंड एस्थेटिक्स से Ph.D कर रही हैं। पढ़ाई के साथ-साथ वो लंबे वक्त से छात्र आंदोलनों और सामाजिक मुद्दों पर एक्टिव रही हैं।
Notably, नेहा बोरा फिलहाल ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की अध्यक्ष हैं। याद रहे कि JNU की छात्र राजनीति में AISA लंबे समय से सक्रिय संगठन रहा है। नेहा अपने साथियों के साथ भी कई बार हंसत���, मस्ती करते तस्वीरों में दिखाई देती हैं। वो एक Gen Z स्टूडेंट लीडर हैं तो ये बात सामान्य है कि उनका तरीका और अंदाज भी अलग है। उनका ये अंदाज सबके दिलों में गहरी छाप छोड़ता है। प्रोटेस्ट खत्म होने के बाद वो एक वीडियो में दोस्तों के साथ डांस करती नजर भी आ रही हैं।
As per the latest buzz, जंतर-मंतर पर अनशन के दौरान अरविंद केजरीवाल, चंद्रशेखर आज़ाद, शबाना आज़मी सहित कई जानी-मानी हस्तियां नेहा से मिलने पहुंचीं और उनका हालचाल जाना। आंदोलन के दौरान उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस में हिस्सा लिया, जहां उन्होंने छात्रों के मुद्दों पर अपनी बात रखी। पेपर लीक, शिक्षा व्यवस्था और जवाबदेही को लेकर नेहा बहुत मुखर रहीं।
In further updates, जंतर-मंतर आंदोलन से पहले भी नेहा बोरा कई सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर खुलकर बोलती रही हैं। शिक्षा के निजीकरण, पेपर लीक, मॉब लिंचिंग, बिलकिस बानो मामले में न्याय और गाजा के मानवीय संकट जैसे विषयों पर उन्होंने सार्वजनिक रूप से अपनी बात रखी हैं। नेहा की सक्रियता केवल यूनिवर्सिटी कैंपस तक सीमित नहीं रही, बल्कि कई और आंदोलनों में भी उनकी भागीदारी देखने को मिलीं। 23 दिन की भूख हड़ताल और एक भावुक पल लगातार 23 दिनों तक भूख हड़ताल पर रहने के कारण नेहा बोरा की तबीयत लगातार बिगड़ रही थी। आंदोलन के दौरान उनकी हालत को लेकर चिंता भी बढ़ने लगी थी। जब उनका शरीर जवाब देने लगा तो उन्होंने कहा, अभी जज्बा बहुत है, हार मानना नहीं सीखा। जंतर मंतर पर जब बॉलीवुड एक्ट्रेस शबाना आज़मी उनसे मिलने पहुंचीं तो वो पल आंदोलन की सबसे भावुक तस्वीरों में शामिल रहा। शबाना ने मां की तरह नेहा को प्यार किया और उनका अनशन खत्म करवाया।
On top of that, हर आंदोलन कुछ ऐसे लोगों को जन्म देता है, जिनकी पहचान सिर्फ उनके संगठन या पद से नहीं होती, बल्कि उनके अपने संघर्षों से बनती है। नेहा बोरा की पहचान भी कुछ ऐसी ही बनकर सामने आई है। 23 दिनों की भूख हड़ताल, लगातार संघर्ष, स्वास्थ्य बिगड़ने के बावजूद आंदोलन में डटे रहना और छात्रों के मुद्दों पर खुलकर बोलना, इन सारी बातों ने उन्हें जंतर-मंतर आंदोलन के सबसे चर्चित चेहरों में शामिल कर दिया। उनके समर्थक उन्हें साहस और लोकतांत्रिक व्यवस्था में विरोध की प्रतीक मानते हैं, जबकि आलोचक उनकी राजनीति पर सवाल उठाते हैं। लेकिन इन सबके बीच इतना तो तय है कि जब जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी यानी CJP इस आंदोलन की कहानी लिखी जाएगी तो नेहा बोरा का नाम उसमें प्रमुखता से दर्ज होगा। ये बात लिखने में कोई दो राय नहीं कि नेहा बोरा संघर्ष, धैर्य और अपनी बात पर अडिग रहने की कहानी हैं। चाहे कोई उनके विचारों से सहमत हो या असहमत, जंतर-मंतर आंदोलन में उनकी भूमिका ने उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर एक चर्चित छात्र नेता के रूप में स्थापित कर दिया है।
लेखक के बारे में दिव्यांशु राठौर दिव्यांशु राठौर, नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में मल्टीमीडिया प्रोड्यूसर हैं. डिजिटल मीडिया में काम करने का उनका करीब 2.5 साल का अनुभव है। देश-विदेश के राजनीतिक मामलों के अलावा वायरल खबरों, ग्राउंड रिपोर्ट, इंटरव्यू और डॉक्युमेंट्री करने में रुचि रखते हैं। दिव्यांशु राठौर ने दिसंबर 2024 में नवभारत टाइम्स ऑनलाइन जॉइन किया था। रूस-यूक्रेन युद्ध, इजरायल-हमास जंग, ईरान-इजरायल संघर्ष, भारत-पाकिस्तान युद्ध (ऑपरेशन सिंदूर) जैसे वैश्विक घटनाक्रम के साथ-साथ SSC Protest, बांके बिहारी कॉरिडोर, गिग वर्कर्स की हड़ताल की व्यापक कवरेज की है। विशेषज्ञता- संवेदनशील मुद्दों के साथ-साथ हिस्टोरिकल से लेकर ट्रेंडिंग मामलों तक आम भाषा में ग्राउंड रिपोर्टिंग और डॉक्युमेंट्री बनाते हैं। यूथ से जुड़ी खबरें और राजनीतिक घटनाक्रम, डिफेंस, वैश्विक संघर्ष और उनका भारत के आम लोगों पर असर। पत्रकारिता अनुभव: न्यूज एजेंसी और डिजिटल मीडिया में 2.5 साल से कार्यरत दिव्यांशु राठौर ने साल 2023 में इंडिया न्यूज चैनल से करियर की शुरुआत की थी। इसके बाद प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया की भाषा जैसी प्रतिष्ठित न्यूज एजेंसियों में हिंदी आउटपुट में काम किया. राजस्थान विधानसभा चुनाव 2023 में रिपोर्टर के तौर पर फुल कवरेज की। दिव्यांशु राठौर ने साल 2022-2024 तक दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में ग्रेजुएशन किया है । इस दौरान उन्होंने डिजिटल मीडिया में स्पेशलाइजेशन किया और कई इवेंट एंकर के तौर पर होस्ट भी किए। दिव्यांशु राठौर गुरु जम्भेश्वर यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन में MA की पढ़ाई कर रहे हैं। दिव्यांशु के खास इंटरव्यू और डॉक्यूमेंट्री: अभिनय शर्मा अभिनय शर्मा भारतीय गणित शिक्षक, लेखक और 'अभिनय मैथ्स' (Abhinay Maths) के संस्थापक हैं. वर्तमान में लाखों छात्रों को पढ़ाते हैं। नीतू सिंह नीतू सिंह जिन्हें नीतू मैम के नाम से जाना जाता है. एक प्रसिद्ध इंग्लिश टीचर और KD Campus/KD Live की संस्थापक हैं। SSC और दूसरी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराने में माहिर नीतू मैम अपनी "Plinth to Paramount" पुस्तक और सरल शिक्षण शैली के लिए जानी जाती हैं। बांके बिहारी कॉरिडोर बांके बिहारी कॉरिडोर को लेकर उत्तर प्रदेश के वृंदावन से खास डॉक्यूमेंट्री बनाई। जिसमें हर पक्ष को दिखाते हुए मथुरा-वृंदावन और राधा-कृष्ण से जुड़े ऐतिहासिक महत्व को भी ग्राउंड से दिखाया। SSC प्रोटेस्ट देशभर में एसएससी को लेकर हुए विरोध प्रदर्शनों को कवर किया। दिल्ली के रामलीला मैदान में देशभर से आए शिक्षकों और छात्रों के प्रदर्शन को ग्राउंड से दिखाया. ... और पढ़ें
Source: Navbharat Times