173000 किलो सोना खरीद लिया, चीन ने चुपके से चली चाल; 2 साल की सबसे बड़ी खरीदारी से दुनिया परेशान!
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Adding to this, सोने की मांग वैश्विक गिरावट के बावजूद मजबूत बनी हुई है।
Meanwhile, नई दिल्ली। सोने और चांदी की कीमतों में चल रही उथल-पुथल के बीच चीन से एक ऐसी खबर निकलकर सामने आई है, जिससे दुनियाभर के गोल्ड निवेशकों में खलबली मच गई है। क्योंकि चीन का हर एक कदम दुनिया के निवेशकों को प्रभावित करता है। चीन ने मार्च 2024 के बाद जून में सबसे ज्यादा सोना खरीदा। इस समय वैश्विक स्तर पर सोने और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव का दौरा है। ऐसे में चीन से आई इस खबर ने एक बार फिर से गोल्ड प्रेमियों में सोना खरीदने की चाहत पैदा कर दी है।
Notably, गिरावट के बाद भी सोने की मांग मजबूत मांगा लगभग 173 टन सोना खरीदा। यानी किलो के हिसाब से यह करीब 173000 किलो सोना है। चीन का सोना आयात दो साल के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया। अंतरराष्ट्रीय कीमतों में भारी गिरावट के बाद भी दुनिया के सबसे बड़े बुलियन मार्केट में सोने की मांग मजबूत बनी हुई है। जब भी वैश्विक स्तर पर सोने की कीमतों में गिरावट आती है तो चीन सोने की खरीद को बढ़ा देता है। जून 2026 में चीन द्वारा खरीदा गया सोना मार्च 2024 के बाद सबसे ऊंचा स्तर है।
As per the latest buzz, जिनरुई फ्यूचर्स कंपनी के एनालिस्ट जिजिये वू ने कहा, "हाल ही में ���ढ़ी मांग की एक अहम वजह निवेशकों का 'बाइंग द डिप' (कीमतें गिरने पर खरीदारी) है। कमर्शियल बैंकों को रिटेल बुलियन बिक्री और गोल्ड एक्युमुलेशन प्लान के लिए फिजिकल गोल्ड का स्टॉक बनाए रखने की जरूरत है, साथ ही मांग बढ़ने की स्थिति के लिए कुछ सेफ्टी रिजर्व भी रखना होगा।" शंघाई गोल्ड एक्सचेंज के आंकड़ों के मुताबिक, बुलियन-बैक्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (एक और लोकप्रिय निवेश विकल्प) में भी इस साल लगभग 28 टन का नेट इनफ्लो देखा गया है।
In further updates, बैंकों के पास सोना आयात करने के लिए लाइसेंस होते हैं , जो 'पीपल्स बैंक ऑफ चाइना' द्वारा समय-समय पर जारी किए जाने वाले कड़े नियंत्रण वाले कोटा पर आधारित होते हैं। 1 जून से लागू नई लाइसेंसिंग व्यवस्था से भी आयात को बढ़ावा मिलने की संभावना थी, जिससे बैंकों को अपने मौजूदा कोटे का पूरा इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहन मिला होगा।
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Source: Jagran